छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल
प्रश्न पेपर 2022 23
सितंबर पूरक अवसर परीक्षा
कक्षा 12वी
हिंदी
(खण्ड अ
प्रश्न (अ)
सही विकल्प चुनकर लिखिए
(i) " सार रस से कवि का क्या तात्पर्य है
(अ) भक्ति रस (ब)
प्रेम रस (स)
ज्ञान रस (द)
विषय रस
उत्तर - (अ) भक्ति रस
(ii) होत होत ही होय में कौन सा अलंकार है
(अ) उपमा (ब)
रूपक (स)
श्लेष (द)
अनुप्रास
उत्तर - (द) अनुप्रास
(iii) ठूठ का पेड़ प्रतीक है
(अ) जड़ता का (ब)
निर्जीवता का
(स) स्थिरता का
(द)
अडिगता का
उत्तर - (अ) जड़ता का
(iv) लेखक को शिवालिक की पहाड़ियों पर क्या दिखाई देता है
(अ) शिव की जटाएं (ब)
महादेव की मूर्ति
(स) ठिगने शानदार वृक्ष
(द)
अलकनंदा का स्रोत
उत्तर - (स) ठिगने शानदार वृक्ष
(v) कन्याकुमारी भारत के मानचित्र में किस और स्थित है
(अ) पूर्व में
(ब)
उत्तर
(स) दक्षिण
(द)
पश्चिम
उत्तर - (स) दक्षिण
(खण्ड–ब
)
प्रश्न (ब)
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(i) कठपुतली ……. व्यक्तित्व का प्रतीक है ( स्वाधीन, पराधीन )
उत्तर - पराधीन
(ii) …….. क्रोध का अचार या मुरब्बा है ( ईर्ष्या, बैर )
उत्तर - बैर
(iii) भाव पल्लवन संक्षेपण का ……… है ( पर्याय, विलोम )
उत्तर - विलोम
(iv) पीढ़ियाँ और गिट्टियॉ पाठ के लेखक
.... है
उत्तर - हरिशंकर परसाई
(v) रीतिकाल के काव्य में …… रस की प्रधानता है ( शांत, श्रृंगार )
उत्तर - श्रृंगार
(खंड स
प्रश्न (स)
निम्नलिखित कथनों के संबंध में सत्य अथवा असत्य लिखिए
( 1 x 5 =5)
1 .रहीम 'बारे' और 'बढ़' के श्लेष से दीपक और कपूत की तुलना की है।
2. अपने विचारों को कहानी या घटना के माध्यम से पुष्ट करते हुए कहना वर्णनात्मक शैली का लक्ष्य होता है।
3.अनुराधा को अपने पति के रोग का कारण ज्ञात था।
4 .कहावतें, लोकोक्तियाँ या सूक्तियाँ गागर में सागर के समान होती हैं।
5. लोहार अपने औजारों को इधर-उधर देखकर बहुत आनंदित हुआ।
उत्तर - 1. सत्य, 2. सत्य, 3. सत्य, 4. असत्य, 5. असत्य ।
(खण्ड़
- द )
प्रश्न (स)
दिए गए स्तम्भ विचार कर उचित संबंध स्थापित कीजिए
1 मीरा की भक्ति - दूसरो पर शासन
(ii) अधिनायकता -
कुरुक्षेत्र
(iii) आधुनिक मीरा -
बसंत
(iv) रामधारी सिंह दिनकर - महादेवी वर्मा
(v) ऋतुराज - माधुर्य भावयुक्त
उत्तर – 1. माधुर्य भावयुक्त 2. दूसरो पर शासन 3. महादेवी वर्मा
4. कुरुक्षेत्र 5. बसंत
प्रश्न (2) आंसुओं को आंखों से बाहर क्यों नहीं निकलना चाहिए
उत्तर – आंसुओं को आंखों से बाहर नहीं निकालना चाहिए क्योंकि आंसू मन की व्यथा को प्रकट करते हैं परिवार के गुप्त रहस्य को बाहर प्रकट करते हैं
प्रश्न (3) निबंध किसे कहते हैं दो निबंधकार के नाम लिखिए
उत्तर – निबंध का अर्थ है बिना बंधन का । किसी विषय पर लिखते समय विचारों पर कोई प्रतिबंध ना हो वह रचना निबंध कहलाती है । महावीर प्रसाद द्विवेदी और सरदार पूर्ण सिंह निबंधकार हैं
प्रश्न (4) क्रोध करने से क्या हानि होती है
उत्तर – क्रोध कभी-कभी घातक सिद्ध होता है इससे बनते काम बिगड़ जाते हैं क्रोध करने से मानसिक शांति भंग हो जाती है
प्रश्न (5) वह तोड़ती पत्थर कविता में कवि ने किस का वर्णन किया है
उत्तर – वह तोड़ती पत्थर कविता में कवि ने श्रमिक महिला का वर्णन किया है
प्रश्न (6) अनुराधा ने शहर जाकर नौकरी करने के बारे में क्यों सोचा
उत्तर – अनुराधा ने सुरक्षित भविष्य तथा आर्थिक रूप से स्वतंत्र रहने के लिए शहर जाकर नौकरी करने के बारे में सोचा
प्रश्न ( 7 ) आदिकाल की विशेषताएं एवं प्रमुख कवियों के नाम लिखिए
उत्तर – आदिकाल की विशेषताएं
1 . दरबारी भाट चारण कवियों के द्वारा अपने आशय दाता राजाओं की वीरता का अतिशयोक्ति पूर्ण वर्णन किया गया
2
. इतिहास की अपेक्षा कल्पना की प्रधानता है
3
. वीर तथा शृंगार रस में वर्णन किया गया है
चंदबरदाई नरसिंह भट्ट इस काल के प्रमुख कवि है
प्रश्न ( 8 ) राघव सरकार रिक्शे पर बैठना पाप क्यों मानते थे
उत्तर – राघव सरकार रिक्शे पर बैठना पाप समझते थे क्योंकि कोई भी अमानव होगा जो दूसरे से अपना बोझ खींचवायेगा
प्रश्न ( 9 ) संस्मरण की चार विशेषताओं का उल्लेख कीजिए
उत्तर – 1 . उचित प्रकार से किसी व्यक्ति अथवा स्थान का स्मरण करना ही संस्मरण है
2
. संस्मरण में आत्मीयता का होना विशिष्ट गुण है
3. संस्मरण विधा अतीत से जुड़ी विधा है
4 इसमें किसी भी छोटे अथवा बड़े व्यक्ति को तटस्थता से याद कर लिपिबद्ध किया जाता है
प्रश्न ( 10 ) लेखक ने आखिरी चट्टान किसे कहा है
उत्तर – लेखक ने आखिरी चट्टान कन्याकुमारी में स्थित विवेकानंद शीला को कहा है
प्रश्न (11) कहानी और उपन्यास में क्या अंतर है ?
उत्तर – कहानी और उपन्यास में अंतर है
1. कहानी में घटित घटनाओं का संक्षिप्त वर्णन होता है जबकि उपन्यास में घटित घटनाओं का विस्तृत वर्णन होता है
2. कहानी किसी एक घटना पर आधारित होता है जबकि उपन्यास में कई घटनाएं होती है
3. पंच परमेश्वर कहानी है जबकि गोदान उपन्यास है
प्रश्न 12 रहीम ने किस तरह के मनुष्य को धन्य कहा है ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-रहीम के अनुसार, वे मनुष्य धन्यवाद के पात्र होते हैं जो परोपकारी कार्यों में लगे हुए हैं। ऐसा कर वे दूसरों का भी दुःख दूर करते हैं और स्वयं भी यश प्राप्त करते हैं मेहंदी की तरह। जिस प्रकार मेहँदी बाँटने वाले व्यक्ति के हाथ अनायाश ही मेहँदी से रच जाते हैं, उसी प्रकार दूसरों का भला करने वाले व्यक्ति का भी अस्तित्व सार्थक हो जाता है, जीवन सफल हो जाता है।
प्रश्न 13. बांझ के हरे-भरे पेड़ और ठूठ के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है
उत्तर-बाँझ का हरा पेड़ लचीलेपन व सजीवता का द्योतक है, जबकि ढूँठ जड़त व निर्जीवता का द्योतक है, अतः लेखक इनके माध्यम से यह कहना चाहता है कि मनुष्य को हरे-भरे पेड़ की तरह लचीला और समन्वयवादी होना चाहिए। औचित्य, अनौचित्य का ध्यान न रखने वाला अड़ियलपन या ढूँठ नहीं।
प्रश्न (14) बिहारी ने अपने दोहों में गागर में सागर भरा है। स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- गागर आकार में छोटा होता है। उसमें बहुत ही कम पानी भरता है, किन्तु इसके विपरीत समुद्र दूर-दूर तक फैला हुआ असीम जल राशि का भण्डार होता है। बिहारी ने गागर जैसे लघु छन्द दोहा में संपूर्ण बात को समाविष्ट किया है। व्यापक अर्थ रूपी सागर को कुशलता से भर दिया है। कल्पना की समाहार शक्ति के बल पर सागर के समान विस्तृत अर्थ योजना की है। भाषा की समास शक्ति के बल पर कम शब्दों में उसे समेट दिया है। महाकवि बिहारी का एक-एक दोहा इतनी अधिक भाव राशि और अर्थ को समेटे हुए हैं, जितना अन्य कवि बड़े-बड़े पदों और छन्दों में नहीं भर सके। सहृदयों के लिए बिहारी सतसई कामधेनु के समान है जो अपने मधुर रस क्षीर से छका कर सभी को तृप्त कर देती है।
प्रश्न 15. शिक्षा और साक्षरता के प्रसार के लिये क्या उपाय करना चाहिए ?
उत्तर-पढ़ने-लिखने की सामग्री सस्ती हो, कागज सुलभ व सस्ता हो, मुद्रण व लेखन सामग्री सस्ती हो। शिक्षा संस्थानों में शुल्क कम किया जाए। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए यदि बालक किन्हीं कारणों से विद्यालय नहीं आ सकता तो शिक्षा स्वयं उसके पास हुंच जाए। शिक्षा सभी को अनिवार्य कर देनी चाहिए। शिक्षा इस प्रकार की होनी चाहिए कि का सर्वागीण विकास हो सके। विश्वविद्यालयों का क्षेत्र केवल चार दीवारी में न सिमटकर उसका क्षेत्र देश के हर कोने तक होना चाहिए।
प्रश्न 16. 'पीढ़ियाँ और गिट्टियाँ' पाठ के आधार पर वृद्धों एवं युवकों की मानसिकता स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-वृद्ध जिन सड़कों पर चले हैं, जिन भोगों को उन्होंने भोगा है, जिन झण्डों को उन्होंने फहराया है वे सब उनके ही रहें, तरुण उन्हें नहीं लें। उधर तरुणों की मानसिकता है कि वृद्धों का समय निकल चुका है, अब वृद्धों को सब छोड़कर तरुणों को सौंप देना चाहिए। वृद्ध चेतना-दुर्बलता, शक्तिहीनता के कारण अयोग्य हो चुके हैं। तरुण खेल सकते हैं, दौड़ सकते हैं, भोग कर सकते हैं, प्रेम कर सकते हैं, तरुण सब कर सकते हैं जो नहीं कर सकते।
प्रश्न 17. प्रतिवेदन के मुख्य तत्व कौन-कौन से हैं ?
उत्तर - प्रतिवेदन के मुख्य तत्व निम्नलिखित हैं-
(क) घटना या स्थिति विशेष - प्रतिवेदन का प्रमुख तत्व है। जब किसी विवादित प्रश्न, घटना, दुर्घटना, ज्वलंत समस्या, स्थिति, अनियमितता आदि की जानकारी पर कार्रवाई की जानी होती है तभी प्रतिवेदन लिखा जाता है।
(ख) मनोनीत प्रतिवेदक या गठित समिति की नियुक्ति -किसी घटना या स्थिति की सम्पूर्ण जानकारी के लिए किसी व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंपी जाती है या एक समिति गठित करके मामले की सच्चाई तक पहुँचने का प्रयास किया जाता है।
(ग) सूक्ष्म निरीक्षण तथा पूर्ण जाँच-पड़ताल के माध्यम से ही समस्या की जड़ तक पहुँचना संभव होता है।
(घ) प्रमाण तथा तथ्य अर्थात् प्रतिवेदन की प्रामाणिकता दिए गए साक्ष्यों तथा तथ्यों पर ही निर्भर करती है।
प्रश्न 18. मीरा के पदों में प्रेम के मिलन व विरह दोनों ही पक्षों की सुन्दर अभिव्यक्ति।मिलती है। सिद्ध कीजिए।
उत्तर- मीरा के पदों में कृष्ण के प्रति अपने अनन्य प्रेम तथा भक्ति के कारण कुल परिवार के विरोध तथा अत्याचार का जिक्र किया है। पदों में प्रेम और भक्ति के भावावेग में नाचने लगना कृष्ण के प्रति समर्पित भाव को दर्शाती है। इनके पदों में विरह-वेदना की आन्तरिक अनुभूति को अत्यंत मार्मिक ढंग से व्यक्त किया है। मीरा ने विरह से त्रस्त व्यक्ति की मनोदशा का अत्यन्त सुन्दर चित्रण किया है। जैसे प्रियतम की राह देखते हुए सारी रात व्यतीत हो गई। इस तरह मिलन व विरह दोनों ही पक्षों की सुन्दर अभिव्यक्ति मिलती है।
अथवा
. अरुणा और चित्रा में से यथार्थवादी कौन है और आदर्शवादी कौन उदाहरणों से अपने मत की पुष्टि कीजिए।
अथवा, चित्रा और अरुणा के व्यवहार में क्या अंतर है ?
उत्तर-अरुणा व चित्रा में अरुणा यथार्थवादी व चित्रा आदर्शवादी है। चित्रा सदैव अअपन कला में खोई रहती है। उसे वास्तविक दुनिया से कोई सरोकार नहीं है। चित्रा सदैव अपने चित्र के लिए मॉडल खोजती रहती है। दुनिया में बड़ी से बड़ी घटना घट जाय पर यदि उसमें उसके चित्र के लिए कोई आइडिया नहीं तो उसके लिए वह घटना कोई महत्व नहीं रखती। किन्तु अरुणा यथार्थ दुनिया को अपना कार्यक्षेत्र बनाती है। वह समाज सेवा द्वार अनाथों का जीवन सुधारती है, उन्हें पढ़ाती है, बीमार दुखियों की सेवा करती है। चित्रा की तरह उसने उस अनाथ भिखारिन और उसके दो बच्चों का चित्र उतार कर ही अपने कर्त्तव्य की इति श्री नहीं की अपितु उसने तो दोनों बच्चों को गोद लेकर उनका जीवन सँवारा। इस प्रकार वह आदर्शों में नहीं यथार्थ जगत में अपना कार्यक्षेत्र ढूँढती है।


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